Yaad Kaise Kare? | Student Help Sensory Organs

Memory Hindi mein | Study Facts and Senses for Students


याद करने की प्रक्रिया (Process of Memory in Hindi)


तो कैसे है आप लोग उम्मीद है अच्छे होंगे। आज मैं एक बोहोत जानकारी की बात आप सब को बताने जा रहा हूँ। ये मैं दावे के साथ बोल सकता हूँ की जो मैं आपको बताने जा रहा हूँ। ज्यादातर लोग यह बात नहीं जानते होंगे।  
जैसा की आप सब जानते हैं की यह एक hindi educational blog हैं। इसीलिए आज मैं आप सब के लिए कुछ मजेदार study facts के साथ आया हूँ। 
अगर आपको ये memory और study facts पसंद आये तो comment  जरूर करिएगा।

Yaad Kaise Kare? | Student Help Sensory Organs
Yaad Kaise Kare? 



चीज़ो में रूचि (interest) का हमारी स्मृति (memory) के लिए बहुत importance होता है लेकिन पाने के लिए resources भी आम तोर पर महत्वपूर्ण हैं ।
हमें आंख की help से याद रखने वाले, कान की help से याद रखने वाले और जो लोग चीज़ो को practically समझते है उनके के बीच अंतर समझना होगा। ये आपको खुद जानना पड़ेगा की आप आँखों से, कानो से या फिर experiment करके चीज़ों को याद याद कर पते हैं। 

Eyes: 

(Sensory Organs Eyes Information) हम आंख से याद करने वाले इंसान उसे कहेंगे यदि वह आंखों से देखी गई चीजों को बोहोत अच्छी तरह से याद रखता हैं। 

Ears:

हम कान के याद करने वाले इंसान उसे कहेंगे यदि वह कानों की मदद से सुनकर चीजों को सबसे अच्छी तरह से याद रखता है ।


Experimenter:  

हम pratically चीज़ो का ज्ञान रखने वाला उसे कहेंगे जो एक important काम को खुद करके सबसे अच्छी तरह से सीखता है जैसे लिखकर, कोई musical instruments बजाकर या शरीर पर कोई गति करके जैसे पिन चुभाकर या किसी कीटाणु के डंक से स्वयं को कटवा कर ।

Benefits who memorize with Eyes:

यह साफ है कि आंख से चीज़ो को याद करने वाला इंसान सबसे जायदा फायदा मिलता है । क्योंकि यह किताबो में छपे शब्दों को पढ़ सकता है और उसकी memory छपे हुए words, sentences और paragraph को पकड़ कर रखती है ।
यदि वह सिनेमा मैं जाता है तो वह पर्दे पर होने वाले कार्यों और घटनाओं को देखकर उन्हें याद रख सकता है, जबकि बोला हुआ शब्द धूमिल हो जाता है । या हल्का होकर समाप्त हो जाता है। 

Benefits who memorize with Ear :

उसके comparission में कानो की मदद से चीज़ो को याद वाला इंसान किताबों के comparission मैं lecture से फायदा होता है, जैसे कि उसकी memory कानों के वजह से पकड़ी गई हर आवाज़ पर उसका ध्यान रहता है ।
वह एक बात चीत को वैसे ही orally दोहरा सकता है लेकिन उसे बात चीत करने वाले इंसान का चेहरा याद करने में मुश्किल हो सकती है ।
अगरअसा इंसान सिनेमा ( फिल्म ) देखता है तो words और गाने की आवाज़ उसके साथ ठहरेगी लेकिन actions को वह जल्द ही भूल जायेगा ।

Benefits who memorize with Experiments


Practically चीज़ो का याद करने वाले जो होते हैं उनके भी अलग हे फायदे है जैसे की मतलब है बाकी के sensory organs जैसे (touch) स्पर्श, (smell) सूंघना और (taste) चखने के यह सब के help यादे बनाये रखना ।
वे लोग हममें से ज्यादातर देखने और भाषण (speech) सुनने में बहुत पीछे रहते हैं जब कि इसके कई अपवाद (exception) भी होते हैं ।

Blind Man:  

एक अंधा इंसान, दृष्टि ना होने पर आम तौर पर अन्य सभी senses को एक एक सीमा तक भड़ा लेता है ।
यह बात important है क्योंकि यह मुश्किल परीक्षाओं के बिना ही बता देता है कि हर sensory organ विकास किया जा सकता है और उसे prove किया जा सकता है ।
यह समझना जरूरी है कि कोई भी इंसान 100% न तो आँखों से याद करने वाला या कान से याद करने वाला या practically याद करने वाला होता है ।
आम तौर पर हम इन सभी गुणों को रखते हैं, और सवाल तो बस यही होता है कि एक इंसान में इनमें से कोण बड़ा है ।
हम जानते हैं कि लगभग 60 से 80 % इंसान आँखों से याद करने वाले होते हैं, जबकि बाकी लोग दूसरों दो category में होते हैं ।
उन लोगों में से जो ज्यादातर कानो की मदद से याद करते हैं, वो लोग गाने सब से ज्यादा याद होते हैं, विशेषकर वे लोग जो एक रचना को जिसे उन्होंने सुना है, दोहरा सकते हैं । यह रोचक जानकारी है कि जनवारो में भी ये तीन category पाई जाती है ।

Yaad Karne ki Trick

For example:

1. चील: पूरी तरह से अपनी शानदार दृष्टि( vision) पर dependent होता है, जो कि बहुत ऊंचाई से भी अपने शिकार को देख लेती है ।
2. हिरण: ज्यादातर उसके कानों पर आधारित होता है जो किसी भी चीज की तनिक सौ आहट को पकड़ लेता है ।

3. कुत्ते: सूंघने की शक्ति बहुत विकसित होती है जो उसकी देखने और सुनने की शक्तियों से भी बढ़कर होती है ।

Find your Type!

अगर आपको चीज़ो को yaad karne ka sabse aasan tarika जानना हैं तो सबसे पहले ये जानिए की आप किस category मैं हैं क्या आपको आँखों से देखा हुआ याद रहता है? या फिर कानो से सुना हुआ याद रहता है? या फिर कुछ और.   
अगर किसी चीज़ को सीखने और याद करने का हमारा तरीका बहुत हद तक हमारी category पर depend करता है, हालाकि यह काफी कम लोग यह जानते हैं कि वो किस  category के हैं ।
यह तो पूरी तरह से natural है कि एक इंसान जो ज्यादातर आंंखो की मदद से याद करने वाला वह चेहरों को देखकर जायदा से जायदा सीखने का प्रयास करता है और एक student जो अमा तौर पर कानों की मदद से याद 
करने वाला है।
अपने समय का सबसे अच्छा use तब करता है जब वह सबसे जायदा संभव हो सकने वाले lecture को सुनता है और अपने teacher की आवाज को सुनता है ।
जैसा कि मैं ऊपर बताया जा चुका हूं कि कोई भी इंसान 100 % आंख या कानो की मदद से याद करने वाला नहीं होता।


Student: 

इसीलिए जो student किताब से लिखता है और जोर से पढ़ता है उसको जायदा फायदा मिलता है अगर वह ऐसा करता है तो उसका कान उसकी आंख की मदद के लिए आता है और वह अपने दिमाग तक पहुंचने की एक के बजाय दो रास्ता खोल देता है । 
Practically चीज़ों को समझने वाला इंसान तभी महान बनता है जबकि वह जयाद से जायदा अधिक से अधिक लिख लेता है । यदि वह आंख और मांसपेशी वाले है तो वह अपनी किताब से नकल कर सकता है ।
यदि वह कान और मांसपेशी से याद करने वाला इंसान है तो उसे भाषण सुनते समय notes लेने चाहिए । 
जो भी हो एक इंसान के लिए यह जानना उपयोगी रहता है कि वह किस category का है और उसे उसके तरह अपने सीखने और याद करने को चलाना करना चाहिए ।

जैसा कि मैं ऊपर बता चुका हूं, जहां तक ग्रहण का संबंध है . ऐसे अधिक लोग नहीं है जो अपनी Categories को जानते हों ।

Singer: 

एक संगीतज्ञ से यह पूछिये कि वह कैसे एक रचना को याद करता है। ज्यादातर मामलों में वह कहेगा कि, ‘ मुझे मालुम नहीं है ।
‘ लेकिन यदि आप जोर दें कि वह बताये कि उसके दिमाग में क्या चल रहा है जबकि वह वाद्ययंत्र को बजा रहा है, तो आपको विभिन्न प्रकार के उत्तर सुनने को मिल सकते हैं ।
एक पियानोवादक यह कहेगा कि पियानो बजाते समय वह अपनी मानसिक आंख पर स्कोर को देख रहा है या उनकी कल्पना कर रहा है ।

Pilot: 

वह आंको की मदद की याद करने वाला इंसान है और वह बिना मुश्किल के आपको बता सकेगा कि कब पृष्ठ पलटा जाये ।
इसकी तुलना में कान से याद करने वाला संगीतज्ञ अपने कान के अनुसार चलता है और यह संभव है कि उसने कभी स्कोर को देखा न हो या वह उसे पढ़ न पाये यदि वह उसके पास है, क्योंकि वह संगीत की मात्राएँ नहीं रखता ।

Creator: 

मांसपेशी की मदद से याद करने वाला इंसान उस रचना को बजा सकेगा यद्यपि पियानो चुप हो । वह न तो स्कोर और न धुन पर निर्भर करता है ।
जो कुछ वह सबसे उत्तम ढंग से याद रखता है वह है उसके हाथों का चलना । पियानोवादक का यंत्रवत भाग कार्य है ।

Take your own Test!

मुझसे यह प्रायः पूछा गया है कि हम कैसे अपनी किस्म या वर्ग को जान सकते हैं ?
यदि हम इसे नहीं जानते । इसके दो तरीके हैं जिन्हें मैं आपको सुना सकता हूं, उनमें से एक उत्तम तरह से कार्य करता है यदि आप स्वयं परीक्षण करना चाहते हैं ।
दूसरा तब अच्छी तरह से कार्य करता है जब आप किसी अन्य का जैसे अपने मित्र का परीक्षण करना चाहते हैं यदि आप स्वयं की परीक्षा करना चाहते हैं तो समान लम्बाई के दो अनुच्छेद चुनें – प्रत्येक आधे पृष्ठ का हो ।
पहले अनुच्छेद को चुपचाप पढें । कितना समय उसे पढ़ने में लगता है उसे चैक करें ।
उसके बाद एक कागज पर वह लिखें जो कुछ आपको याद रह गया है ऐसा कर चुकने के बाद किसी अन्य इंसान को कहें कि यह आपको दूसरा पैराग्राफ सुनाये ।
उसको पढ़ने में उतना ही समय लगना चाहिए जितना समय आपको पहला अनुच्छेद पढ़ने में लगा था । जब आपका मित्र उसको पढ़ चुके तो एक कागज पर लिखें जो कुछ आपको याद रह गया है ।
उसके बाद उन दोनों कागजों की तुलना करें और यह देखें कि क्या आप स्वयं द्वारा पढ़े गए या सुने गए अनुच्छेद का अधिक भाग याद कर पायें । इस प्रयोग को कम – से – कम तीन बार दोहराना चाहिए ।
प्रत्येक नये प्रयोग में सामग्री की लम्बाई में परिवर्तन होना चाहिए । यदि आपने पहली बार आधा पृष्ठ लिया था तो दूसरी बार एक पूरा पृष्ठ लें और तीसरी बार दो पृष्ठ लें ।
प्रत्येक बार पढ़ने और सुनने की सामग्री समान लम्बाई की होनी चाहिए ।
इसका परिणाम आपके लिये आसान होगा । यदि आप अपने द्वारा पढ़े गए अनुच्छेदों का अधिक भाग याद रख पाते हैं तो इसका अर्थ यह हुआ कि आप ज्यादातर आंख से याद करने वाले हैं ।
यदि आप सुने गए अनुच्छेदों का अधिक भाग याद रख पाते हैं तो इसका अर्थ यह हुआ कि आप कानो से याद करता है । यदि आप यह परीक्षा करना चाहते है कि क्या आप मांसपेशी के मस्तिष्क वाले हैं तो एक अतिरिक्त परीक्षण के लिए अनुच्छेदों की नकल करें ।

Jaldi Yaad karne ke Tarike!
किसी इंसान का परीक्षण करना Comparission जादा
आसान होता है विशेषकर जबकि वह नहीं जानता हो कि परीक्षण का क्या मतलब है ।
मैं आपको दस शब्दों की list दे रहा हूं जिन्हें आप उसे पढ़कर सुना सकते हैं । उसे कहें कि वह एक कागज पर पहले उस शब्द ( यदि वह 
noun 
 हैं तो अच्छा होगा ), को लिखे जो उसके दिमाग में आता हो जब वह आपके बोलने पर एक शब्द को सुनता हो ।
यहां दस शब्द हैं Wall, cake, book, noise, file, river, letter, bind, flag इन शब्दों को देखिये जिन्हें आपके opponent ने लिखा है । सामान्यतया दो संभावनाएं हैं –
( a ) उसने इस प्रकार के शब्द लिखे होंगे 

1. Picture, paper, ceiling
2. Flour, sugar, icing
3. Page, illustration, test
4. Propelfer, music, serene
5. Paper, drawer, box
6. Water, boat, fishing
7. Envelope, stamp, typewriter
8. Feater, wings, egg
9. Cloth, mast, signal
10. Ribbon, straw, felt.
( b ) उसने शब्दों को इस प्रकार लिखा होगा
1. Hall, ball, value, value
2. Make, bake
3. Look, book, bag
4. Pose, choice, moist
5. Pile, mile, fine, fire
6. Liver, ginger
7. Letter, ladder, ledger, lecture
8. Flirt, Hurt, Birth
9. Bag, drag
10. Bat, chat, flat 

Competitor: 

ये सभी शब्द सिर्फ example हैं और आपके competitor द्वारा लिखे गए शब्दों की विविधता unlimited हो सकती है ।
लेकिन उसका जैसा भी प्रत्युत्तर रहा हो, उसके उत्तर के सर्वेक्षण से यह पता चलेगा कि क्या ज्यादातर शब्द पहले समूह के हैं या वे दूसरे समूह के हैं ।
आप देखेंगे कि प्रथम समूह में मेरे द्वारा दिये गये शब्द ऐसे हैं जो कल्पना रखने वाला इंसान देख सकता है जैसे- wall, cake, book आदि ।
द्वितीय समूह में दिए गए शब्द ऐसे हैं जो इन शब्दों की ध्वनि के समान हैं जिन्हें आपने उसे बोला था । अत : यदि आप अपने opponent के कागज को चैक करें तो आपको उसके द्वारा लिखे गए और उसे दिए गए शब्दों की तुलना करनी चाहिए ।
यदि आप opponent के कागजों को चैक करें तो आपको उसके द्वारा लिखे गए और आप द्वारा उसे बोले गए शब्दों की तुलना करनी चाहिए । यदि आप पायें कि ज्यादातर शब्द पहले समूह के हैं तो आपका competitor ज्यादातर आंख से याद करने वाला है ।
यदि आप पायें कि ज्यादातर शब्द दूसरे वर्ग के हैं तो आपका opponent ज्यादातर कान से याद करने वाला है ।
इन दोनों समूहों के शब्दों को चैक करके आप उसके आंख से याद करना और कान से याद करने की permission प्रतिशत भी जान सकते हैं ।
आप यह भी देख सकते हैं कि आपके competitor के लिए परीक्षण के प्रयोजन को पहले से न जानना क्यों लाभप्रद रहा है ।
यदि वह उसे पहले से जानता होता तो वह उन शब्दों के समूह संबंध के बारे में जागरूक हो गया होता । वह यह देखने का ध्यान रखता है कि क्या वह देखने वाले शब्द समूहों को दे रहा है या सुनने वाले शब्द समूहों, और ऐसा ध्यान रखना परीक्षण के उद्देश्य के लिए हानिकर है ।

निशार्ष:



 
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तब तक के लिए,
जय हिंद, जय भारत।
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