TOP 4 Inspirational Stories in Hindi Language

Inspirational Stories in the Hindi Language | Kahaniyaa 


नमस्कार दोस्तों  Sabse Bhadiya Kahaniya | Short Hindi Stories में आपका स्वागत हैं आज मैं बहुत Inspirational Stories के साथ आयी हूँ आज आपके लिए मैंने चार कहानियाँ लिखी है। यह कहानी अगर आपको पसंद आये तो अपने विचार कमेंट सेक्शन मैं ज़रूर बतायेगा। 

 जैसा की हमारी वेबसाइट का नियम हैं की आपके मनोरंजन के साथ-साथ आपको कुछ सीख भी दे। 

तो चलिए बिना समय गवाए शुरू करते हैं। 

1. ये समय भी निकल जायेगा ( This TIME will also get over)

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Inspirational Stories in the Hindi Language 

 एक अमीर बूढा था जिसकी तबियत बहुत ख़राब और वो मरने वाला था ; डॉक्टर कह चुके थे कि, ‘वह छ: महीने से ज्यादा जिंदा नहीं रहेगा | 

अब इस बूढ़े आदमी के तीन बेटे थे | उसने उन्हें अपने पास बुलाया और उन तीनों के बीच अपनी जायदाद बराबर – बराबर बॉट दी । मगर अपने सबसे छोटे बेटे को उसने एक छोटी अंगूठी और भेंट की | 
उसने कहा, क्योंकि तुम मेरे सबसे छोटे बेटे हो और तुम्हे औरों जितना तजुर्बा नहीं है मैं तुम्हे ये अंगूठी देता हैं । जब भी कोई परेशानी हो, कोई कठिन परिस्तिथि हो,

 ”इस अंगठी का इस्तेमाल करना | उससे पहले नहीं | और आखिर में, इस अंगूठी का जिक्र किसी से ना करना “

सबसे छोटे बेटे ने वो अंगठी ली। अपनी ऊँगली में पहनी और धीरे- धीरे उसके यह बात मवो बबिल्कुल भूल गया । तीनों बेटों ने अपना अपना व्यापार लगाया; सबसे छोटे ने जहाज का बिज़नस शुरू किया। 

एक बार, एक ही दिन में उसके दो जहाज डूब गए नतीजतन, एक ही झटके में उसकी सारी दौलत चली गई और वो सड़क पर आ गया | 
उसे अपना घर बेचना पड़ा और उसके दरवाजे के बाहर लेनदारों की कतार के चलते वो सोचने लगा कि इस परेशानी से कैसे निकले । तभी उसे अपने पिता की सलाह याद आई ।

 उसने अपनी अंगठी निकाली और उसे देखा | 

उसने देखा की पत्थर के नीच कुछ लिखा हुआ था | वो तुरंत पत्थर को पॉलिश करने में लग गया ताकि वो पढ़ सके वहाँ क्या लिखा है । 
बहुत पॉलिश करने के बाद, उसने लगा कि इतना बारीक वो अपनी आँखों से नहीं पढ़ पायेगा | वो एक आवर्धक लेंस ले कर आया और ज़ोर देकर शब्द पढने लगा | 
जो उसने पढ़ा उससे उसकी ज़िन्दगी हमेशा के लिए बदलने वाली थी | वहाँ लिखा था, ” मेरे बेटे, तसल्ली रखो, ये समय भी बीत जायेगा । ” इस छोटे से वाक्य ने उसकी ज़िन्दगी बदल दी ।

2. जिन्दगी वही है जो आप इसमें डालते हैं (Life is what you give to it)

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Inspirational Stories in the Hindi Language 

एक पिता और बेटा पहाड़ों में सैर कर रहे थे| तभी बेटा गिर पड़ा और उसके चोट लग गई और वो ज़ोर-ज़ोर से रोने लगा

“आआआआ!!!”

उसे हैरानी हुई जब उसने अपने रोने की आवाज़ पहाड़ों से वापस आती सुनी “आआआआ!!!

उत्सुक होकर उसने चिल्ला कर पूछा: “कौन हो तुम?” जवाब आया: “कौन हो तुम?” जवाब सुन कर वो क्रोधित हो गया, और चिल्लाया; 


“क्या!” 

तुरंत जवाब आया: “क्या!” 

उसने अपने पिता से पूछा: “ये क्या हो रहा है?” 
पिता ने मुस्कुराकर जवाब दिया: 

“मेरे बेटे, ध्यान से सुनो” और तब उसने पहाड़ों को ज़ोर से कहा: 

“मैं तुम्हारी सराहना करता हूँ!” 
आवाज़ आई: “मैं तुम्हारी सराहना करता हूँ!” पिता फिर चिल्लाए, “तुम एक चैंपियन हो!”

जवाब आया: 


“तुम एक चैंपियन हो!” 
लड़का हैरान था मगर कुछ समझ नहीं पा रहा था| तब उसके पिता ने उसे कहा: 

“लोग इसे गुँज कहते हैं मगर असल में ये ज़िन्दगी है। वो तुम्हे वही सब देती है जो तुम कहते और करते हो| हमारी ज़िन्दगी हमारी करनी का आइना है। 

अगर तुम दुनिया में और प्यार चाहते हो, तो अपने दिल में और प्यार पैदा करो| अगर अपनी टीम से अच्छा काम चाहते हो, अपना काम बेहतर करो| ज़िन्दगी तुम्हे वह सब देगी जो तुम उसे दोगे”

 3. नज़रिया (Viewpoint)

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Inspirational Stories in the Hindi Language

टीचर सात वर्षीय अर्नव को गणित पढ़ा रहीं थीं जब उसने उससे सवाल किया, ” अगर मैं तुम्हे एक सेब दूं, और एक सेब, और एक ब दूं, तो तुम्हारे पास कितने सेब हो जायेंगे?”

छ पल में अर्नव ने विश्वास से जवाब दिया, “चार!”

अर्नव की टीचर को लगा था वो बिना मुश्किल इसका सही जवाब, दे सकेगा। वो निराश हो गई। “शायद बच्चे ने ठीक से सुना नहीं होगा,”

उसने सोचा| उसने दुबारा कहा, “अर्नव ध्यान से सुनो अगर में तुम्हे एक सेब दू, और एक सेब दू, और एक सेब दू, तो तुम्हारे पास कितने सेब हो जायेंगे?”

अर्नव अपनी टीचर की शक्ल पर निराशा देख चुका था| उसने दुबारा अपनी उँगलियों पर गिना| मगर अन्दर ही अन्दर वह उस जवाब को देना चाहता था जिससे टीचर खुश हो जाएँ| 

उसका मन सही जवाब नहीं तलाश रहा था, वो वह जवाब तलाश रहा था जिसे सुनकर टीचर खुश हो जाए। इस दौरान हलके से  जवाब दिया, “चार” और टीचर की शक्ल पर अब भी नाराज थी।

उन्हें याद अर्नव को स्ट्रॉबेरी पसंद है। उसने शायद सेब पसंद नहीं होंगे इसलिए वह ध्यान नहीं दे पा रहा है। इस दौरान बनावटी उत्साह और आँखों में चमक लिए उन्होंने पूछा “अगर मैं तुम्हे एक स्ट्रविरी दूं, और एक स्ट्रविरी और एक और दू तो तुम्हारे पास कितनी स्ट्रॉबेरी ही जायेंगी?

टीचर को खुश देख कर, नन्हे अर्नव ने फिर अपनी उँगलियों पर गिना उसके ऊपर कोई दबाव नहीं था, मगर टीचर पर था वह चाहती थी उनकी नई युक्ति काम आ जाए हिचकिचाहट भरी मुस्कान के साथ नन्हे अर्नव ने पूछा, “तीन?”

अब टीचर के चेहरे पर विजय की मुस्कान थी? उनकी युक्ति काम कर गई थी? वह खुद को बधाई देना चाहती थी मगर अभी भी एक चीज़ बाकि थी| एक बार फिर उसने पूछा, अब अगर मैं तुम्हें एक सेब दें, और एक सेब दें, और एक सेद , तो तुम्हारे पास कितने सेब हो जायेंगे?

अर्नव ने तुरंत जवाब दिया, “चार!” टीचर हैरान थी| “कैसे, अर्नव, कैसे?” उसने चिड कर गुस्से में पूछा।

धीमी और दुबकी आवाज़ में अर्नव ने कहा, “क्योंकि मेरे बैग में पहले से एक सेब है।”

सीख (Moral):

“अगर कोई आपको आपकी समझ से अलग जवाब देता है, तो यह मत समझिये वो गलत है। शायद ऐसी कोई बात हो जो आप नहीं समझ पा रहे हैं। 

आपको सुन कर समझना होगा, मगर कभी भी पहले से निर्णय बना कर नहीं सुनें। अधिकतर, हम दुसरे व्यक्ति का नज़रिया समझने की कोशिश नहीं करते और उन्हें गलत मान लेते हैं, मगर असलियत में हमे सिर्फ उसे समझाने का मौका देने की ज़रूरत होती है।

4. नई शुरुआत (New Start)

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 Inspirational Stories in the Hindi Language

महान अमरीकी आविष्कारक, थॉमस एडिसन इस बात के परिचायक हैं कि क्या हो सकता है अगर विपरीत परिस्थिति में भी हम सकारात्मक पहलुओं पर गौर करें। 

जब एडिसन 67 वर्ष के थे तब देर रात लगी एक आग में इनकी कंपनी जल कर खाक हो गई और इनकी जीवनभर की मेहनत आग के धुएं में उड़ गई। 
हालात तब और बदतर हो गए जब एहसास हुआ कि कंपनी का इन्शुरन्स केवल 2,38,000 का था जबकि नुक्सान 2 करोड़ का!

अगले दिन एडिसन अपनी जली हुई जमीन का निरिक्षण कर रहे थे| दोस्त और परिवार बूढे एडिसन के आसपास थे और उन्हें सहानुभूति दे रहे थे| एडिसन ने सभी आगंतुकों को अपने पास बुलाया और उनसे कहा:

दोस्तों, ये एक बहुत बड़ा नुक्सान है।” 


जली हुई सीमेंट की बिल्डिंग की तरफ इशारा कर बोले, “देखो, हमारी सारी गलतियाँ जल चुकी हैं। शुक्र है भगवान का कि अब हम एक नई शुरुआत कर सकते हैं।”

ज़रा सोचिये, अगर एडिसन इस परिस्थिति में सकारात्मक की जगह एक नकारात्मक नज़रिया रखते, तो वो इस आगजनी की घटना को सब छोड़ देने का बहाना बना सकते थे और फिर दुनिया उनके कुछ महान अविष्कारों से अनजानी रह जाती।

 Conclusion:

TOP 4 Inspirational Stories in Hindi Language  | तो यह कहानियाँ आपको हमारी वेबसाइट Sabse Bhadiya Kahaniya | Hindi Short Stories की किसी लगी आशा करती हु आपको पसंद आयी होगी ऐसी हे मजेदार कहानियाँ पढ़ने के लिए हमारे Newsletter को Subscribe करे।

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