Top 3 Emotional Short Stories in Hindi | Kahaniya

Emotional Short Stories in Hindi | With Pictures


Emotional Short Stories in Hindi | जय हिन्द भाईओ और बहनो। आज मैं फिर से कई नई कहानी के साथ आयी हूँ यह कहानी लिखने क लिए मुझे बहुत जायदा समय तो नहीं लग गया पर हा मेहनत तो लगी आप अपने विचार कॉमेंट सेक्शन मैं लिखना ना भूले। 

आज आप के लिए मैंने TOP 3 Emotional Short Stories in Hindi लाई हूं।
दूसरी वाली कहानी आपको बहुत पसंद आएगी यह मेरा आपसे वादा है।

1. क्षमा करो और भूल जाओ (Forgive and Forget)

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 Emotional Short Stories in Hindi


चित्र स्तोत्र: Shutterstock

एक बूढ़ा आदमी अपने ज़िद्दी बेटे के कारण एक दिन मर गया, उसने बहुत बार माफी मांगी और उस युवक ने अपने पिता को बहुत बुरा भला कहा।

 पिता ने हार नहीं मानी क्योंकि वह उससे प्यार करते थे लेकिन बेटे ने ऐसा नहीं किया ताकि उसके प्यार में पिता टूट जाए एक साल बीत गए और जब वह बूढ़ा आदमी सो रहा था, उसने अपने बेटे के साथ एक आखिरी रिश्ता बनाया लेकिन उन्होंने बेटे को स्वीकार नहीं किया और बूढ़ा आदमी अपने  बेटे  के पास गया।

इस दौरान, उसका का एक बेटा भी आया था और एक नपुंसक बन गया था, उसने अपने बेटे को इस बारे में कभी नहीं बताया था, जब भी उसने अपने दावे के बारे में पूछा, तो उसे इस बारे में बात करने से मना कर दें।

एक दिन, दोनों में काफी बहस भी होती है और उनका बेटा भी कई साल पहले घर छोड़ देता है।

वह बहुत दुखी हुआ और इस बार कोई शक नहीं था लेकिन खुद स्वयं बहुत अकेलापन महसूस करता है।

 उसने महसूस किया कि उसने अपने बेटे को हमेशा के लिए खो दिया है और जीवन में पहली बार वह भगवान से प्रार्थना करने के लिए निकला।

 तब उसे एहसास हुआ कि उसके पिता को इतने साल पहले कैसा महसूस हुआ होगा। उसने याद किया कि कैसे उसने अपने पिता को चोट पहुंचाई थी और महसूस किया था कि उसने उसे कितना नुकसान पहुंचाया है।

 जितना अधिक उसने इसके बारे में सोचा, उसने महसूस किया कि उसने अपने पिता के मामले में कितना गलत किया है, उस आदमी के साथ जिसने उसे जीवन भर सब कुछ दिया।

वह इन उदास विचारों के साथ सोफे पर सो गया। अगली सुबह जब वह उठा तो उसने देखा कि वह अपने बिस्तर पर आराम से सो रहा है और उसका बेटा उसके सामने खड़ा है।

 उसे अपनी आँखों पर विश्वास नहीं हो रहा था। पिता और पुत्र दोनों गले मिले रोता बहुत है

एक-दूसरे से कई क्षमा माँगने के बाद, बेटे ने कहा कि, वह अभी भी अपने पिता से बहुत नफरत करता है लेकिन रात में उसे एक अजीब सपना आया जो उसके दिल को छू गया। वह सपने देखता है कि एक बूढ़ा व्यक्ति उसे गले लगा रहा है

और जब उसने उस आदमी को गले लगाया, तो उसकी सारी नफरत प्यार में बदल गई। बूढ़े ने फिर उसे माफ करने और भूलने की सलाह दी।

उसने बताया कि सुबह उठते ही वह अपने पिता के घर दौड़ता हुआ आया।

 तब उस आदमी ने अपने बेटे को बताया कि उसी रात उसने एक महत्वपूर्ण सबक भी सीखा था और जब वह छोटा था तब उसने अपने पिता को कैसे चोट पहुंचाई थी।

उनका बेटा अपने दादा के बारे में जानना चाहता था जिनसे वह कभी नहीं मिला था, नहीं देखा था और अब यह सही समय थावह आदमी गया और अपने पिता की तस्वीरों वाला एक एल्बम लाया। तस्वीरें देखते ही बेटा दंग रह गया।

 उन्होंने बताया कि तस्वीर वाला आदमी कल रात अपने सपने जैसा है आया था।


2.तकलीफों का सामना सकारात्मक से करें। (Face Problems with Positivity)

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 Emotional Short Stories in Hindi

चित्र स्तोत्र: Shutterstock


ये कहानी एक किसान की है जिसके पास एक बूढ़ा खच्चर  था। (एक मादा गधी और एक नर घोड़े के बीच एक संकर द्वारा खच्चर पैदा होता हैं)| 

वो खच्चर एक दिन किसान के कुँए में किसी और का खच्चर गिर गया किसान ने खच्चर को भगवान को याद करते सुना या वो जो भी खच्चर करते हैं जब वो कुँए में गिर जाते हैं।

माजरा समझने के बाद किसान को खच्चर के लिए दुःख हुआ, मगर उसने तय किया कि ना ही खच्चर ना ही वो कुआँ से दूसरे खच्चर को बचाए जाने के लायक हैं। 

बजाय, उसने अपने पड़ोसियों को बुलाया और उन्हें बताया क्या हो गया है, और उनसे मदद माँगी कि वे कुँए में मिट्टी डाल कर खच्चर को वहीं दफना दें और उसे उसकी पीड़ा से मुक्ति दें।

पहले तो खच्चर ये सुन कर पागल हो गया! मगर जैसे-जैसे किसान और उसके पडोसी मिट्टी डालते गए और वो उसकी पीठ पर पड़ती गई, उसे एक तरकीब सूझी| उसे अकस्मात् सूझा कि हर बार जब मिट्टी उसके ऊपर पड़ती है तो वह उसे झाड कर उसके ऊपर चढ़ सकता है।

और वह ये करता गया। “झाडो और चढ़ो…झाड़ो और चढ़ो..झाडौ और चढ़ो वह खुद को प्रोत्साहित रखने के लिए बोलता गया। जितना भी दर्द होता, जितनी भी परिस्थिति खराब होती लगती, वो बूदा खच्चर अपने डर से लड़ता बस ये सोच कर बढ़ता गया कि झाडो और चढ़ो!

कुछ ही समय में बूढा खच्चर, घायल और थक गया हुआ था, गाँव के एक बूढ़े और समझदार इंसान ने कहा, ”जो लगता था उसे दफना देगा, वही उसे बाहर ले आया सिर्फ उसके समस्या से जूझने के तरीके की वजह से यही  जिन्दगी है।”

 हमें अपनी तकलीफों का सामना करना चाहिए और उनका सकारात्मकता से हल निकालना चाहिए, और डर, कड़वाहट और अफ़सोस की जगह नहीं देनी चाहिए।

3. ईट की चोट (Hitted by brick)

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 Emotional Short Stories in Hindi

चित्र स्तोत्र: Shutterstock


दस साल पहले एक जवान और कामयाब प्रबंधक, जिसका नाम जोश था, शिकागो की सड़कों पर घूम रहा था।
वो अपनी सुन्दर, 12 सिलिंडर वाली जैगुआर कार कुछ तेज़ चला रहा था।

जो केवल दो महीने पुरानी थी। वह कारों के बीच में से दौड़ कर आते बच्चों पर नज़र रख रहा था और ऐसा कुछ दिखते ही अपनी कार धीरे कर देता।

एक जगह से जब वह गुज़रा, तो कोई बच्चा नहीं मगर एक ईंट कहीं से आई और धम!- उसकी कार का चमकता काला दरवाजा तोड़ दिया! 

उसने तेज़ी से ब्रेक लगाए, गियर खींचा और घुमा कर कार उस जगह ले आया जहाँ से ईंट आई थी| जोश कार से निकला, उस बच्चे को पकड़ा और वहाँ खड़ी एक गाड़ी के साथ लगा कर उसपर चीखा, “ये क्या किया तुमने? कौन हो तुम?

कर क्या रहे थे?”

गुस्से में वह बोलता गया, “ये मेरी नई जैगुआर कार है, वो ईट जो तुमने फेंक तुम्हे बहुत महँगी पड़ेगी| क्यों फेक तुमने?”

बच्चे ने कहा की, “प्लीज़, सर, प्लीज़मुझे माफ़ कर दीजिये| मैं नहीं जानता था और मैं क्या कँ?”

रोते-रोते उसने आस-पास हाथ दिखा कर कहा, “मैंने ईंट फेंक क्योंकि कोई रुक नहीं रहा था|”

उसने कहा, “मेरा भाई। वो अपने व्हील चेयर से लुड़क कर सड़क पर गिर गया है और मैं उसे उठा नहीं पा रहा हूँ।”

रोते हुए लड़के ने प्रबंधक से पूछा, “क्या आप उसे वापस व्हील चेयर में बिठाने में मेरी मदद कर सकते हैं? उसे चोट लगी है और मेरे उठाने के लिए वह बहुत भारी है।”

बच्चे की बात सुन कर नौजवान स्तब्ध रह गया| किसी तरह से उसने अपने गले में बनते आंसू को पिया| 

उसने किसी तरह से उस गिरे हुए आदमी को उठाया और फिर अपने रुमाल से उसकी चोटों को साफ़ किया, और देखा कि वह सब तरह से ठीक है या नहीं। वो देखता रहा कैसे उसका छोटा भाई उसे धक्का देते हुए घर की तरफ ले जा रहा था|

उसकी चमकीली, काली, 12 सिलिंडरों वाली जैगुआर तक का सफ़र बहुत लम्बा था-लम्बा और धीमा|

जोश ने वो दरवाज़ा कभी ठीक नहीं कराया| उसने वो टुटा दरवाजा रखा ताकि वह उसे याद दिलाता रह सके कि उसे ज़िन्दगी में इतना तेज़ कभी नहीं जाना है कि किसी को उसका ध्यान खींचने के लिए ईंट मारनी पड़े।

Conclusion:

तो कैसी लगी आप लोगो यह TOP 3 Emotional Short Stories in Hindi छोटी प्रेणादायक कहानी। तो जैसा की आप देख सकते है की कुछ छोटी से चीज़े मिलकर आपके माहोल को कैसे बदल सकती है और हम लोगो को एक सीख भी दे जाते है। 

कुछ असा हे हमारा जीवन भी होता है हमे बहुत कुछ सीखा देती है हमारी जिंदगी। चालिये दोस्तों अब अगली कहानी की तैयारी करनी है।

तो यह थी ये तीन कहानियाँ आशा करती हु आपको पसंद आयी होगी ऐसी हे मजेदार कहानियाँ पढ़ने के लिए हमारे Newsletter को Subscribe करे। मेरी कहानी पढ़ने क लिए आपका बहोत  बहोत   धन्यवाद।

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