Hindi motivational Thoughts | Asa gyaan jo 90% nhi jante!

Next Level Ka Hindi Motivational Thoughts | For Students

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Success 

इंट्रोडक्शन: जय हिंद भाईओ और बेहनो आशा है आप सबसे ठीक है Sabse Bhadiya Kahaniya | Short Hindi Stories मैं आपका स्वागत हैं आज मैं फिर आप लोगो को लिए कुछ हट कर लाया हु आज आपको hindi motivational gyan for success ये इस ब्लॉग का theme है।
मैंने आपको काफी सारी motivational story in hindi provide की है। लेकिन यह gyan भी बोहोत ज़रूरी हैं जो हम मैं से 90 % लोगो के पास नहीं होता।
ये hindi motivation msg का लक्ष्य आपके जीवन को sarthak बनाने के लिए है।
यह ज्ञान अपने आप मैं एक सागर हैं अगर आप hindi motivation सर्च कर रहे हैं तो आप बिल्कुल सही जगह आये है। यह 7 बाते आपको हमेशा याद रखनी चाहिए।
अगर मेरे इस कार्य के वजह से आपकी सहयता होती है तो कृपया comment section मैं अपने विचार ज़रूर व्यक्त करियेगा इससे मुझे भी मोटिवेशन मिलती रेहगी आपके लिए ऐसी ही कहानियाँ लाने क लिए।
तो बिना वक़्त ख़राब किये शुरू करते है।
आप 7 फैक्टर्स के ऊपर मास्टरी करने वाले है। तो आईये पहले जानते हैं उन फैक्टर्स के बारे में।

1. कॉन्टिनियस अपलिफ्टिंग हॉट्स:

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Uplifting Thoughts
जब मैंने पहली बार लॉ ऑफ अट्रैक्शन मूवी देखी थी तब मुझे समझ आ गया था कि हमारी जिंदगी हमारे विचारों क परिणाम है। जैसा भी हम सोचते हैं हमारी लाइफ वैसे ही होती चली जाते । तो अब मेरा सवाल ये है कि कैसे हम हमारे विचारों को कंट्रोल करें?
कैसे हमारे दिमाग में ऐसे विचार आएं कि हम लगातार सक्सेस की तरफ बढ़ते जाएँ। इसके लिए मैंने बहुत रिसर्च की और फिर मुझे इस प्रिंसिपल के बारे में मालूम चला जिसे में कॉन्टिनियस अपलिफ्टिंग थॉट्स(CUT) बोलता हूँ।
मैं आपको ऐसा माइंडसेट देना चाहता हूँ कि आपके दिमाग में ऐसे विचार आएं जो लगातार आपको कामयाबी की तरफ ले जाएँ। कामयाब होने के लिये आपके दिमाग में लगातार पॉजिटिव थॉट्स आने चाहिए।
आपके दिमाग में ऐसे थॉट्स आने चाहिए जो आपको ऊपर लेकर जाएँ और आगे बढ़ने के लिए मोटिवेट करें।

2. मॉर्निंग रिचर्स:

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Subha uthna

सुबह का समय पूरे दिन का सबसे अच्छा समय होता है। हम सभी ने ये ऑब्जर्व किया होगा कि अगर हमारी सुबह की शुरुआत अच्छी होती है तो पूरा दिन अच्छा जाता है।

अगर आप अपनी सुबह का सदुपयोग करें और ऐसे काम करने लग जाएँ जो लगभग सभी सफल व्यक्ति करते हैं तो फिर क्या बात हो।
आप भी उन लोगों की कैटेगरी में आ जायेंगे और जब आप उनकी कैटेगरी में आयेंगे तो आप उनकी तरह बन जायेंगें।
तो जेन रिचुयल्स के बारे में मैं आपको बताने वाला हूँ, अगर आपने वो करना धुरु कर दिया तो इन्हीं 5 चीजों से आप अपनी जिंदगी बदल सकते हैं। इस सेक्टर में आपको बताऊंगा कि सुबह का जो 5 से 7 बजे के बीच का समय होता है उसको कैसे इस्तेमाल करना है।

3. डेली स्टीन:

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Daily Routine
जॉन सी मैक्सवेल (John C Maxwell) कहते हैं कि किसी जो सफल व्यक्ति की सफलता का राज अगर आपको जानना है तो आप उसके डेली स्टीन फॉलो करें क्योंकि वो जो डेली कर रहा है वहीं उसकी सफलता का राज है। तो इस फैक्टर में हम यही सीखेंगे कि अपना डेली स्टीन कैसे बनाएं।
देली रूटीन से यहाँ पर ये मतलब नहीं है कि आपको रोज सुबह उठना है फिर वाक के लिए जाना है, फिर जॉब पे जाना है और शाम को सो जाना है।
डेली रूटीन से यहाँ मेरा मतलब रूटीन ऑफ सक्सेस से है। तो यहाँ पर हम अपनी हैबिट्स को ठीक करने की बात कर रहे हैं, कि कैसे हम अपने अंदर से बुरी आदतों को निकाल कर अच्छी आदतें अपनाते हैं।

4. इनसेन प्रोडक्टिविटी:

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Productivity
हम पूरे महीने काम करते हैं और महीने के अंत में हमको लगता है कि हमने उतने पैसे नहीं कमाए जितने बनते थे। एक स्टूडेंट के हिसाब से सोचें तो हम पूरे साल पढ़ाई करते हैं और जब हमारे मार्क्स आते हैं तो हम उससे संतुष्ट नहीं होते हैं।
एक बिजनेसमैन की तरह सोचे तो जितनी हम सेल्स चाहते थे महीने के अंत तक उतनी नहीं हुई। हम काम तो बहुत करते हैं पर रिजल्ट्स बहुत कम आते हैं।
तो मैं आपको ऐसा फार्मूला बताऊंगा जिससे आप कम काम करके ज्यादा रिज़ल्ट्स ला पाएंगे। अगर आपको लगता है की ज्यादा रिजल्ट्स लाने के लिए आपको ज्यादा काम करने की जरूरत है तो आप गलत है।
अगर आपको नहीं लगता कि कम काम करके ज्यादा रिजल्ट मिल सकता है तो आप सक्सेसफुल लोगों को देखें। आपने शायद रिचर्ड ब्रैनसन के बारे में सुना होगा।
ये 400 से भी ज्यादा कंपनियां संभालते हैं लेकिन काम आपसे और मेरे से भी कम करते हैं। वो अपना पसंदीदा काम हमसे ज्यादा करते हैं, वो अपनी फैमिली को भी हमसे ज्यादा समय देते हैं और इन सबके बाद भी वो ज्यादा सक्सेसफुल हैं।
उनकी सक्सेस के कुछ सीक्रेट्स है जो हमें बताते हैं कि कम समय में ज्यादा कैसे अचीव करें जिसके बारे में भी हम जानेंगे।

5. लीडरशिप:

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Leadership
इस सदी की जो सबसे इम्पोर्टेन्ट स्किल है वो है लीडरशिप स्किल। आज के समय में आप किसी भी चीज़ की बात कर लो फिर चाहे वो पॉलिटिक्स हो या कॉपर, हर जगह लीडर्स चाहिए।
जब कोई किसी को अपनी कंपनी में रिपीट करते है तो देखते हैं कि क्या ये आगे चलकर लोगों को लीड कर पायेगा? क्या इसके अंदर वो क्वालिटी है जिससे ये लोगों को सिखा पायेगा?
आने वाले समय में ये बॉस बनेगा या लीडर? क्योंकि हमें वो लोग नहीं चाि जो लोगों को सिर्फ इंस्ट्रक्शंस दें, बल्कि ऐसे लोग चाहिए जो दूसरों के कि् मिसाल बनें। जो लोगों को साथ लेकर चले और उन्हें ऊंचाईयां छूने मैं आसानी होती हैं।

6. पर्सनालिटी अपग्रेडेशन

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Personality Upgradation
यहाँ पर हम पर्सनालिटी अपग्रेडेशन की बात का मदद रहे हैं ना कि डेवलपमेंट की। कई बार हमारे साथ ऐसा होता है कि हम पहली बार किसी से मिलते हैं और मिलते ही हम उनकी तरफ अट्रेक्टेड हो जाते हैं।
उनके अंदर वो करिज्मा है कि लोग उनकी तरफ खींचे चले जाते हैं और इस फैक्टर में यही सोचेंगे कि हम वैसे कैसे बनें।

7. रिलेशनशिप मास्टरी:

के यहां पर हमारा मकसद रिलेशनशिप में मास्टरी का है। एक इंसान होने के नाते हम हमेशा लोगों के बीच रहते हैं और उनसे इमोश्नली जुड़े हुए होते हैं और अगर कोई हमें कुछ कह देता है तो हम पूरे दिन उसी के बारे में सचते रहते हैं।
कभी कभी तो ऐसा होता है कि अगर हमारे रिश्ते किसी व्यक्ति विशेष के साथ खराब हो जाते हैं तो एक दिन, एक महीने, एक साल या कई साल खराब हो जाते हैं और हम अपनी जिंदगी में कुछ नहीं कर पाते हैं।
तो मैं चाहता हूँ कि आप इस फ़ील्ड में मास्टर हो जाएँ। सबसे पहले तो आप इस बात को समझें कि जिस भी इंसान के साथ आप रिलेशन में हों तो उन्हें कैसे टैकल करना है।
आप जहाँ भी जाएँ तो नए दोस्त कैसे बनाएं। लोग आपके पर्सनालिटी से इतने इम्प्रेस हो जाएँ कि वो खुद आपकी तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाएं। आपके चाहें पर्सनल रिलेशन हों या प्रोफेशनल हों, ये अच्छे होने चाहिए और इन्हीं के बारे में हम इस फैक्टर में पढ़ेंगे।
जैसे ही आप इन सभी फैक्टर्स को अच्छे से समझ लेंगें तो आप अपने गोल्स तक आसानी से पहुँच जायेंगे और आपका गोल है बेस्ट लाइफ।
यानि कि अपनी लाइफ को बेस्ट बनाना। तो इस पूरी किताब में हम यही सीखेंगें और मैं आशा करता हूँ कि पूरी किताब पढ़ने के बाद आप वो बन पायेंगे जो आप बनना चाहते हैं।

8. वेल्थ क्रिएशन:

ये एक ऐसा फैक्टर है जिसके ऊपर हर कोई काम करना चाहता है। 

लोगों की बड़ी जिज्ञासा होती है कि पैसा कैसे बनाएं सर। अच्छा, आप मुझे एक बात बताओ कि अगर मैं आपसे पूछूं कि मैं इंजीनियर कैसे बन सकता हूँ तो आप कहेंगे की आपको इंजीनियरिंग की पढ़ाई करनी पड़ेगी।

 तो ठीक वैसे ही अगर आपको अमीर बनाना है तो आपके ये फैक्टर वेल्थ क्रिएशन के ऊपर अच्छे से स्टडी करना पड़ेगा। मैं फिनांशियल एजुकेशन के ऊपर एक रिवॉल्यूशन लाना चाहता हूँ। 

वेल्थ क्रिएशन के ऊपर हम जो भी सीखें उसे अप्लाई भी करें। 

मैं नहीं चाहता कि इंडिया में लोग वही माइंडसेट रखें जो उनके एजुकेशन सिस्टम ने उन्हें दिया है बल्कि उसी बाहर भी सोचें इस दुनिया के एजुकेशन सिस्टम में रिवॉल्यूशन की ज़रूरत है क्योंकि ये आपको फाइनेंशियल एजुकेशन के बारे में नहीं सिखाता।

न ही हमको वेल्थ क्रिएशन के बारे में सिखाया जाता है और यही चीज़ है जिसकी हमें सबसे ज्यादा जरूरत होती है, क्योंकि पढाई या यूं कहें कि बेसिक एजुकेशन के बाद इसी की हम सभी को सबसे ज्यादा जरूरत है। 

जब भी हम स्कूल्स से या कॉलेजेस से अपनी पढाई पूरी करके निकलते हैं तो सबसे पहले हमारे दिमाग में यही ख्याल आता है कि पैसे कैसे कमाए जाएँ। 

वैसे तो पैसे कमाने के कई सारे तरीके हैं जो हमें हमारी सोसाइटी सिखा देती है। 

लेकिन ये सोसाइटी अपने तरीके कहाँ से लाती है? 

सालों साल से या यूं कहें कि सदियों से हमारे यहाँ काम करने की परंपरा है ना कि काम देने की। 

लोगों को लगता है कि उनको बस एक अच्छी नौकरी कर लेनी चाहिए, लेकिन ये नहीं सोचते कि क्या करके वो अपना खुद का काम कर सकते हैं और पैसे कमा सकते हैं। 

हमको लीडर बनना नहीं बल्कि फॉलोवर बनना सिखाया जाता है। 

तो ये साइकिल सोसाइटी ने बनाई है और हम फॉलो कर रहे है, हमें इससे बाहर निकलना है और खुद कुछ करके दिखाना है। 

हमको सीडर बनना है ना कि फॉलोवर और अगर मैं और सटीक बोलूं तो हमको फाइनेंशियली फ्री होना है।

क्योंकि जब तक इंसान रोज की जिंदगी जीने में और नौकरी करके पैसे कमाने में लगा रहेगा उसको असल जिंदगी का मतलब नहीं समझ आने वाला। 

Important Gyaan jo sabko nhi pata?

उदाहरण देता है कि जो कुछ भी हो रहा है वो आपका स्टिमुलस है, ये आपको हर तरफ से रिसीव होता है और जब ये आपको रिसीव होता है तो ये आपके बिलीफ सिस्टम से प्रोसेस होकर थॉट में कन्वर्ट होता है। आपका belief system एक फिल्ट्रेशन प्रोसेस है।
अगर आपका बिलीफ सिस्टम सक्सेस के तरफ स हुआ है तो हर चीज़ उसी तरफ जाएगी। आपकी सक्सेस को कोई रोक नहीं सकता फिर चाहें कितने भी बैरियर्स क्यों न आ जाएँ।
एक बार एक बहुत ही ज्यादा रेस्पेक्टेड प्रोफेसर थे। एक बार उन्होंने अपने स्टूडेंट्स से कहा कि वो सबको एक वीडियो दिखाएंगे और वो कहते हैं कि उस वीडियो को देखने के बाद हर कोई अपना रिस्पॉन्स दे।
वीडियो में सभी स्टूडेंट्स समुंदर में उठती हुई तेज लहरें देखते हैं, साथ ही घने काले बादल और कड़कती हुई बिजली।
उनको एक पानी का जहाज आता हुआ दिखता है और वो जहाज़ हवा और पानी के बीच से गुज़रता हुआ दिखता है। थोड़े समय बाद वो जहाज डूब जाता है। प्रोफेसर यहाँ पर वीडियो को रोक देते हैं और अपने स्टूडेंट्स से पूछते हैं की वीडियो में उन्होंने क्या देखा।
कुछ स्टूडेंट्स ने कहा की तेज हवा की वजह से जहाज डूब गया वहीं कुछ लोगों ने तेज लहरों को इसका जिम्मेदार ठहराया। प्रोफेसर ने कहा कि हर कोई सही है कि जहाज़ डूबा लेकिन वो इसलिए क्योंकि वो पानी से भर गया था।
इसी तरह आपकी आस पास भी ऐसी ही परिस्थितियां होंगी लेकिन आपका जहाज़ भी वहीं डूबेगा जहाँ इसमें पानी भर जाएगा।
आपके जहाज़ का पानी निगेटिव थॉट्स हैं और ये अगर आपके दिमाग में जगह बनाने लगे तो आपको आगे बढ़ने से रोकेंगे।
ऐसा ही कुछ एक बार एक स्कूल जाने वाले लड़के के साथ होता है। वो एक बार अपने स्कूल से घर आ रहा होता है तभी रास्ते में उसे कुछ लड़के रोकते हैं और उसको खूब पीटते हैं ।
और उससे कहते हैं कि तुम किसी भी काम के नहीं हो, तुम्हारी कोई भी वैल्यू नहीं है और तुमको कोई प्यार भी नहीं करता, तुम इस स्कूल के सबसे बेकार स्टूडेंट हो। जैसे-जैसे ये लड़का बड़ा होता है, ये उन सब ही बातों को सच मानने लगता है।
ये सारी बातें उसके दिमाग में घर कर जाती हैं।
इस हादसे के पहले वो एक बहुत ही इंटेलिजेंट स्टूडेंट हुआ करता था और पति के साथ स्पोर्ट्स में भी अच्छा था लेकिन जब से उसके दिमाग में ये सारी बैठी तबसे उसका कॉन्फिडेंस नीचे गिर गया और साथ ही उसके स्कोर भी।
उसने आपने दोस्तों और बाकी लोगों से भी बात करना बंद कर दिया क्योंकि उसको लगा कि जो भी उसको बोला गया वो सब कुछ सच है। अब आप देख सकते हैं कि कैसे एक बिलीफ आपकी जिंदगी बदल सकता है।
कुछ लोगों का ऐसा कहना है कि उनकी खुशी कुछ चीजों के ऊपर निर्भर करती है लेकिन असल में आपकी ये खुशी अंदर से होती है बाहर की चीजें कभी भी आपकी खुशी का कारण नहीं होती। आप किसी भी समय खुश हो सकते हैं।
(तो आप इस फैक्टर कट (CUT) का प्रयोग कर सकते हैं। अपनी उँगलियों से चुटकी बजाइये और जोर से बोलिये कट और बिना बात के ही खुश हो जाईये क्योंकि खुश होने के लिए आपको किसी भी रीजन की जरूरत नहीं है।
तो अभी अपनी आँखों को बंद कीजिये और फुल कीजिये ) अगर आपने खुश होने के कारणों का पता लगाना शुरू कर दिया तो यकीन मानिये आप कभी भी खुश नहीं हो पायेंगें।
लेकिन हर समय खुश रहना और बिना बात के खुश होना भी एक कला है जो सबको नहीं आती, लेकिन आप कर सकते हैं क्योंकि आप सबसे अलग हैं।
भौतिकवादी चीजें आपको सिर्फ कभी कभी ही खुश रख सकती हैं न कि हर समय। जो भी मैं आपको कह रहा हूँ वो आपको आपके बिलीफ़ सिस्टम में जाकर देखना पड़ेगा कि क्या आपको खुश करता है और क्या नहीं। तो आपका बिलीफ़ सिस्टम क्या है और कहाँ तक पहुंचा है?
जब हम छोटे से बच्चे होते हैं तब हमारे अंदर ये बिलीफ़ सिस्टम नहीं होता है, हम सभी कोरे कागज़ की तरह होते हैं। तो सोचने वाली बात यह है कि ये बनता कैसे है? ये हमारे अंदर हमारे फैमिली से फिर हमारे फ्रेंड सर्कल से और फिर हमारे टीचर्स से बनता है और यही तीनों हैं जो हमारे बिलीफ सिस्टम को सबसे ज्यादा अफेक्ट करते हैं।
और मुझे ये भी लगता है कि कई सारे लोग डुअल बिलीफ़ सिस्टम में विश्वास रखते हैं, वे एक से ज्यादा चीजों में बिलीव करते हैं।
उदाहरण के लिए, मेरी माँ एक बार हमारे पड़ोसी से बात कर रहीं थीं और वो एक दूसरे पड़ोसी के बारे में बोल रही थीं कि ये तो उनके करम है जो उनके सामने आ रहे हैं। कुछ दिन बाद वो पड़ोसन हमारे घर आई और हमें बताने लगी कि उनको बिजनेस में घाटा हो गया है और भगवान ने उनके साथ सही नहीं किया।
जब वो दूसरों की बुराई कर रही थीं तब उनको करम दिख रहे थे और जब उनकी खुद की बारी आये तो सारा ब्लेम भगवान जी के ऊपर। यही परिस्थिती इस बिलीफ़ सिस्टम। तो आपके केस में आपको तय करना है कि आपको कौन सा अपनाना है।
Thoughts➡️ Feelings➡️ Actions➡️ Results
The Process Of Manifestation
मेरे हिसाब से ये सब करम का फल है। जैसा आप बोएंगें, वैसा ही आप कार्ट थे। जो कुछ भी आपको मिलता है वो एक प्रोसेस या प्रक्रिया के तहत मिलता है।
इस दुनिया में कुछ भी अचानक नहीं होता और सब कुछ पहले से ही निर्धारित है। इस पूरे प्रोसेस को “प्रोसेस ऑफ़ मैनिफेस्टेशन” भी कहते हैं।
हमारी लाइफ में हमें जो भी मिल रहा है वो हमारे कर्मों का फल है जिसके लिए हम खुद ही जिम्मेदार हैं। हमें हमारी लाइफ में जो भी मिल रहा है या हम जो भी कर रहे हैं वो सभी हमारे कर्मो का परिणाम है।
अब कर्मो से यहाँ मतलब ये है कि जो कुछ भी हम करते हैं या जिस चीज से भी हम गुजरते हैं वो सब हमारे कर्मो का परिणाम है और हमारे कर्म हमारे ऐक्शन्स हैं।
हमारे ऐक्शन्स ही हैं जो रिजल्ट देते हैं। तो अब अगर हमारे ऐक्शन्स ही रिजल्ट्स देते हैं तो लोग गलत ऐक्शन्स क्यों लेते हैं?
जब लोगों को पता होता है कि उनको डायबिटीज है तो वो मीठा क्यों खाते है? जब लोगों को पता होता है कि सुबह जल्दी उठना उनकी हेल्थ के लिए अच्छा होता है तो फिर क्यों नही उठते हैं।
ऐसा वो अपनी बिलीफ़ सिस्टम की वजह से करते हैं। साथ ही हमारे पास हमारे ऐक्शन्स के जस्टिफिकेशन भी होते हैं।
बिलीफ सिस्टम एक दिन में नहीं बदलता, इसके लिए काफी वक्त लगता है। इसमें समय लगता है। तो अपने बिलीफ सिस्टम को बदलने के लिए हमको हमेशा कुछ बड़ा सोचना या करने की जरूरत है। जो कुछ भी हमने पहले किया है, हमको उससे बड़ा सोचने और करने की ज़रूरत है।
साथ ही हमेशा ऐसी चीजों से जुड़े रहना है जो हमारे बिलीफ सिस्टम को बेहतर होने के लिए बदले। कई लोगों को लगता है कि अपनी लाइफ़ में हर अच्छी चीज़ डिज़र्व नहीं करते।
उदाहरण के लिए: अगर आपको लगता है कि आपके लिए करोड़पति बनना आसान नहीं है तो आप ऐसे लोगों के बारे में जान सकते हैं या पढ़ सकते हैं जिन्होंने खुद के दम पे कुछ किया हो।
अगर अपने लगातार ऐसा करना शुरू कर दिया तो आप खुद के अंदर बदलाव महसूस करेंगे और आप देखेंगे कि आपका बिलीफ सिस्टम बदल रहा है और आप ना कर पाने से कर पाने की तरफ़ बढ़ रहे हैं।
और आपका यही बिलीफ सिस्टम आपके सपनों के लिए नए दरवाजे खोल रहा है।
मैं आपको समझाता हूँ की सच्चाई और भरोसे में यानि की बिलीफ़ सिस्टम एक अंतर होता है। जो सच है वो परमानेंट है और उसको कोई चैलेंज नहीं कर सकता।
जैसे सूरज पूर्व दिशा में उगता है तो उगता है, आप इसको नहीं बदल सकते, मैं इसको नहीं बदल सकता और आप और मैं क्या, दुनिया का कोई भी इंसान इसे नहीं बदल सकता। लेकिन जब बात बिलीफ़ सिस्टम यानि की भरोसे की आती है तो ये किसी इंसान के ऊपर निर्भर करती है।
अगर कोई इंसान अपने अंदर कोई बिलीफ सिस्टम बनाता है तो कई सारी चीजों के ऊपर निर्भर करता है और वो उसका खुद का होता है और लोग इसे सही साबित करने के लिए कुछ भी करते हैं। जैसे अगर हम धर्म की बात करें तो उनका सच से ज्यादा अपने बिलीफ सिस्टम से लेना देना है।
कई लोगों को ऐसा लगता है कि वो अपनी जिंदगी में नहीं करते। एक बच्चे को हम अँधेरे में इसलिए नहीं खेलने देते क्योंकि लगता कुछ भी अच्छा डिज़र्व है कि अँधेरे में कहीं उसको चोट ना लग जाए।
बच्चों को रोकने के लिए उनके माता पिता उन्हें भूतों की कहानी सुनाते हैं और उनके लिए यही उनका बिलीफ़ सिस्टम है।
सच और बिलीफ़ यानि कि भरोसे के बीच अंतर है। मैंने ऐसे भी इंटेलिजेंट लोगों को देखा है जिनके पास डाउटफुल बिलीफ सिस्टम है।
लेकिन अगर आपके पास स्ट्रांग बिलीफ सिस्टम होगा तो आपके साथ हर चीज़ पॉजिटिव होगी। तो ऐसा बिलीफ सिस्टम अपनाएं जो आप बनना चाहते हैं। अगर आप देखेंगे तो जो भी मैंने आपको बताया, 99% लोग उसमें विश्वासनहीं करते।
केवल 1% लोगों के पास उनका बिलीफ सिस्टम होता है जो उनको सक्सेसफुल बनाता है और मैं यही चाहता हूँ कि आप भी 1% में आएं।
आपको पता है कि इंडिया में 70% प्रॉपर्टी 1% लोगों के पास है और बची हुई 30% बाकी के 99% लोगों के पास है। मैं चाहता हूँ कि आपका माइंड सेट उन 1% लोगों जैसा हो और अपने आप को सक्सेसफुल बनाएं

निष्कर्ष:

तो आशा करती हु आपको हमारी वेबसाइट Sabse Bhadiya Kahaniya | Short Hindi Stories की यह थी ये बातो से आप सब सहमत हैं अगर मुझसे कुछ रह गया हो तोह कृपया comment section मैं अपने vichar ज़रूर लिखे और share भी करे ऐसे ही हिंदी मैं पढ़ने के लिए हमारे Newsletter को Subscribe करे।
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1 thought on “Hindi motivational Thoughts | Asa gyaan jo 90% nhi jante!”

  1. Aap ki ye motivationl story bahot badhiya hai,in sabhi bato ko apne jeevan me apnakar jindagi ko safal banya ja sakta hai.
    Aap ki in rochak aur badhiya kahaniyon ke liye aapka bahot bahot Dhanyawad…

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