Best Hindi Moral Stories | Motivation X 100 ho Jayega!

 3+ Hindi Moral Stories | Kahi nhi hai asi Motivation

Best Hindi Moral Stories जय हिन्द भाईओ और बहनो Sabse Bhadiya Kahaniya | Hindi Short Stories
मैं आपका स्वागत करता हूँ आज के नए कहानी मैं यह कहानियों का Moral इतना अच्छा हैं की आप पढ़ेंगे तो बोलेनेगे हां ऐसी कहानी हो तो पढ़ने मैं भी मज़ा आये, वैसे कहानी लिखने क लिए मुझे बहुत कम समय लग मेरी कहानी पढ़ने क बाद आप मुझे आपके विचार कमेंट सेक्शन बताना न भूले।

यह तीन कहानियाँ आपके अंदर Positive विचार लाने के लिए लिखी गयी हैं। और motivation देने का  उदेश भी है मेरा। 

तो बिना कोई देर किये चैलिये शुरू करते है।

1. बेहतर आत्मविश्वास। (Better confidence)

best-hindi-moral-stories
 Hindi Moral Stories
चित्र स्रोत: Shutterstock

क्या आप नकारात्मक सलाहों (negative advices) से जल्दी ही उलज जाते हैं?

बेहतर आत्मविश्वास के इस छोटे से सबक का अनुसरण करें । 

हेनरी वार्ड बीचर (Henry Ward Beecher) जब स्कूल में पढता था, उसने आत्मविश्वास (Confidence)  का ऐसा सबक सीखा जो वह कभी नहीं भूला उसे पूरी कक्षा के सामने कवितापाठ के लिए बलाया गया। उसने शुरू ही किया था जब उसकी टीचर ने उसे टोका और चीड कर कहा, 

‘नहीं।
उसने दुबारा से शुरू किया मगर टीचर फिर से चीखी, नहीं ‘ शर्मा कर हेनरी बैठ गया। अगला लड़का उठा और शुरू हुआ ही था जब टीचर चिल्लाई, नहीं 
मगर लड़का ये रुका नहीं जब तक की उसने परा कवितापाठ खत्म नहीं कर लिया। जब वह बैठा, टीचर ने कहा । ”बहुत बढ़िया,” हेनरी चीड गया। उसने शिकायती लहजे में कहा, 

” मैंने भी ऐसे ही किया था.”
मगर उन्होंने जवाब दिया,
 ”सिर्फ़ सबक जानना ही ज़रूरी नहीं है, उसके बारे में पक्का होना भी ज़रूरी है। जब तुमने मुझे तुम्हे रोकने दिया, इसका मतलब था कि तुम पक्के नहीं हो। अगर दुनिया कहती है, ‘नहीं’ तो यह तुम्हारा काम है कहो, हॉों ‘और उसे साबित करो ”. 
हेनरी वार्ड बीचर (Henry Ward Beecher)  19वीं सदी के एक जानीमानी धार्मिक सभा के पादरी, समाज सुधारक, उन्मुलनवादी और प्रवक्ता थे। दुनिया हज़ार बार कहेगी,

 नहीं। नहीं! तुम ऐसा नहीं कर सकते। ‘नहीं। तुम ग़लत हो।’ 

हीं। तुम बहुत बड़े हो गए हो। ‘नहीं। तुम बहुत छोटे हो।’ नहीं। तुम कमजोर हो। नहीं। 

ये नहीं हो पाएगा। नहीं। 

तुम इसके लिए पढ़े-लिखे नहीं हो। ‘नहीं। इसके लिए तुम्हे कुछ पता नहीं है।’ नहीं। तुम्हारे पास पैसे नहीं है।

‘नहीं! ये नहीं हो सकता।’ आर हर नहीं जो आप सनते हैं तो आपका आत्मविश्वास (Confidence) सड़ा सड़ा कर के जंग लगा देता है जब तक की आप हार नहा मान लेते हालांकि आज भी दुनिया कहेगी, नहीं! ‘मगर आपमें आत्मविश्वास (Confidence)  होना चाहिए कहने का हॉ!‘ और उसे साबित करें। ‘

(और पढ़े) Read More:

2. जिम्मेदारियाँ (Responsibilities)

best-hindi-moral-stories-kahaniya
 Hindi Moral Stories

चित्र स्रोत: Shutterstock


एक बार जूही ब्राउन (Juhi Brown) नामी अभिनेता व हास्य अभिनेता थे एक बार सैनिको को एक बड़ी ग्रुप (Group)  को सम्बोधित कर रहे थे। अब वह खत्म करना चाहते थे की इतने मैं एक सैनिक ने शोर मचाकर उन्हें कार्यक्रम बढ़ाने को कहते फिर कही से आवाज़ आयी की,
“जो कुछ गंदी कहानियाँ सुनाओ”
सन्नाटा इतना गहरा छाया कि सुई गिरने की आवाज़ भी सुनाई दे सकती थी सब जो को देख रहे थे जो 1 मिनट रुका और फिर यह बोला कि,

“वह यहाँ लोगों को मनोरंजन करने के लिए आया है उनसे अपने बेटों की तरह बोला, 

”सुनो बच्चों मैं 10 साल का था तब से स्टेज पर हूँ मैंने हर तरह के लोगों को हर तरह का है मगर मुझे गर्व है कि इस पूरे समय में मुझे लोगों को इंसानों के लिए कभी कंधे जोक्स नहीं सुनाएँ मुझे भी कुछ कहानियाँ पता है 

मैंने अपनी ज़िन्दगी में ऐसी बहुत ही कहानियाँ सुनी है मैंने लेकिन मैंने शुरू से एक नियम बना रखा है कि मैं ऐसी कोई भी कहानी नहीं सुनाऊंगा जो मैं नहीं चाहता कि मेरी माँ मुझे सुनते हुए सुने”

खत्म होने पर तालियाँ की इतनी बड़ी गड़गड़ाहट गूंज जैसे उन्होंने पहले कभी नहीं सुनी थी तब चिल्लाते और तालियाँ बजाते रहे इसमें वह लड़का भी था जिसने गांधी कहाँ कहानियाँ सुनाने की फरमाइश की थी
मगर किस सन में खत्म नहीं हुआ लड़कों ने यह बात अपने घर लिखा और अपने अभिभावकों को बताया और उन्होंने अपना शुक्रिया अदा करते हुए जो को लिखा किसी ने लिखा आपने जो मेरे बेटे के लिए किया है उसके लिए। मैं हर रात प्रार्थना करूंगी।
और पढ़े (Read More):


Gautam Buddha Life Story Part 

3. अपने नजरिया को बनाए रखें (Maintain your viewpoint) 

best-hindi-moral-stories-sarthak
 Hindi Moral Stories

चित्र स्रोत: Shutterstock


एक दिन, एक पुरानी कहानी के अनुसार, एक गंभीर बीमारी वाले एक व्यक्ति को एक अस्पताल के कमरे में रखा गया था, जहाँ एक अन्य रोगी खिड़की के बगल में एक बिस्तर पर आराम कर रहा था।

जैसे-जैसा समय बीतते गया वासे उन दोनों की दोस्ती बन गए हैं, खिड़की के बगल में एक बाहर दिखाई देगा और फिर अगले कुछ घंटे प्रसन्नतापूर्वक बिताएंगे-अपने बेडरेस्टेड साथी को बाहर की दुनिया के ज्वलंत विवरणों के साथ जोड़ेंगे। 

कुछ दिनों में वह अस्पताल के पार पार्क में पेड़ों की सुंदरता और हवा में पत्तियों के नृत्य का वर्णन करेगा। अन्य दिनों में, वह अपने दोस्त के साथ कदम-दर-कदम रीप्ले (Replays) के साथ लोगों का मनोरंजन करेगा, जो वे कर रहे थे, जैसा कि वे होस्पिताल से चलते थे।

हालाँकि, जैसे-जैसे समय बीतता गया, अपने मित्र द्वारा बताए गए अजूबों का अवलोकन करने में असमर्थता बढ़ने पर वह निराश हो गया। आखिरकार वह उसे नापसंद करने लगा और फिर उससे नफरत करने लगा।

एक रात, विशेष रूप से खराब खाँसी फिट के दौरान, खिड़की के बगल में रोगी ने सांस लेना बंद कर दिया मदद के लिए बटन दबाने से दूसरे आदमी ने कुछ नहीं करना चुना। 

अगली सुबह उस मरीज को जिसने अपने दोस्त को खिड़की के बाहर की जगहें देखकर बहुत खुशी दी, उसे मृत घोषित कर दिया गया और अस्पताल के कमरे से बाहर निकाल दिया गया। 
दूसरे आदमी ने जल्दी से पूछा कि उसका बिस्तर खिड़की के बगल में रखा गया है, एक अनुरोध जो उपस्थित नर्स द्वारा अनुपालन किया गया था।

लेकिन जैसे ही उसने खिड़की से बाहर देखा, उसने कुछ ऐसा खोजा, जिसने उसे हिला दिया: खिड़की को एक ईंट की ईंट की दीवार का सामना करना पड़ा। 

उनके पूर्व रूममेट ने उन अविश्वसनीय स्थलों को संजोया था, जो उन्होंने अपनी कल्पना में एक कठिन समय के दौरान अपने दोस्त की दुनिया को थोड़ा बेहतर बनाने के लिए एक प्यार भरे इशारे के रूप में वर्णित किया था।

 उन्होंने निस्वार्थ प्रेम से काम लिया था। जब मैं इसके बारे में सोचती हूँ तो यह कहानी कभी भी मेरे खुद के परिप्रेक्ष्य में बदलाव नहीं लाती है। 

अधिक खुशहाल जीवन जीने के लिए, जब हम एक कठिन समय का सामना करते हैं, तो हमें अपना दृष्टिकोण बदलते रहना चाहिए और लगातार खुद से पूछते रहना चाहिए, “क्या एक समझदार, इस तरह की नकारात्मक स्थिति को देखने का अधिक प्रबुद्ध तरीका है?”

 स्टीफन हॉकिंग, जो कि अब तक के सबसे महान भौतिकविदों में से एक हैं, ने कहा है कि हम एक सौ-सौ मिलियन आकाशगंगाओं में से एक की बाहरी सीमा के भीतर स्थित एक जूल एसआई पुर के औसत ग्रह के एक मामूली ग्रह पर रहते हैं। कैसे एक के लिए है परिप्रेक्ष्य में बदलाव?

इस जानकारी को देखते हुए, क्या आपकी परेशानी वाकई इतनी बड़ी है? 

क्या आपके सामने आने वाली समस्याएँ हैं-अनुभवी या ऐसी चुनौतियाँ जो आप वर्तमान में वास्तव में उतनी ही गंभीर हो सकती हैं जितनी आपने उन्हें होने के लिए उकसाया है? 
हम इस ग्रह पर इतने कम समय के लिए चलते हैं। 
चीजों की सभी योजनाओं में, हमारे जीवन अनंत काल के कैनवस पर मात्र ब्लिप्स हैं। तो पत्रिकाओं का आनंद लेने के लिए ज्ञान है-नी और प्रक्रिया का स्वाद लेना।

4. चिंताएं (Tensions)

best-hindi-moral-stories
Story of Tension Bag



चिंताएं एक बार एक आदमी था जो भगवान से हर समय उसे उसके दुःख – दर्द और चिंताओं से मुक्त कर देने के लिए प्रार्थना करता रहता था | 
लम्बे अंतराल के बाद भगवान् उसके सामने प्रकट हुए और पूछा कि वह क्या चाहता है । उसने भगवान से कहा कि उसकी ज़िन्दगी में बहुत से कष्ट और चिंताएं हैं और वह भगवान् से चाहता है कि वे उसे इन सब से मुक्त कर दें । 
भगवान ने उसे कहा कि कुछ दिनों में वो एक मेला लगा रहे हैं जहाँ उसके जैसी शिकायत वाले और भी लोग आएंगे और वहाँ मौजूद लोग एक दूसरे से अपनी तकलीफें बदल सकते हैं । आदमी बहुत खुश हो गया और बेसब्री से आने वाले मेले का इंतज़ार करने लगा । 
अगले हफ्ते उसे मेले में आने का invitation आया और उसने अपनी सारी चिताएं एक थैले में भरी और वहाँ पहुँच गया | वहाँ पहुँच कर वह देखने लगा कि किसकी चिंताओं का थैला उसके थैले से हल्का हो | 
मगर वह हैरान रह गया जब कई घंटे के बाद उसे एहसास हुआ कि उससे हल्का तो किसी का थैले नहीं था । शाम होते – होते तक उसे एहसास हो गया कि
तभी उसने देखा कि एक थका हुआ बूढ़ा आदमी दुखों का एक बहुत बड़ा थैला लिए उसकी ओर चला आ रहा है । वो उसके पास आया और बोला कि वो उससे अपना थैला बदलना चाहता है क्योंकि उसका थैला बहत भारी है । आदमी देख रहा था कि बूढ़ा  सच कह रहा है । 
वो घबरा गया की बूढ़े की सारी परेशानियाँ उसके सर आ पड़ेंगी | वो घबरा कर पीछे हट गया और बूढ़े को मना कर दिया और घर की ओर निकल पड़ा । 
वो समझ गया था कि ऐसा कोई नहीं जिसकी परेशानियां उससे कम हों | बल्कि वह समझ गया था कि कई लोग ऐसे हैं जिनका दुःख उससे कई बड़ा है | 
जब वह मेले से बाहर निकल रहा था तो उसने देखा कि हर व्यक्ति अपना ही थैला लिए वापस जा रहा था | कोई नहीं था जिसने अपना थैला किसी दूसरे से बदला हो |

Moral:


आप इस दुनिया मैं सब से सुखी हैं पर आपको इसका एहसास तब होता हैं जब आप दुसरो की परेशानियों को ठीक से आंख पाते हो। और उसके पहले आपको लगता हैं की आप ही सब से दुःखी हैं। 

और पढ़े (Read More):


(Conclusion) :


तो पहले कहानी का यह निष्कर्ष है की हमे अपना आत्मविश्वास बनाये रखना चाहिए और सकारात्मक सोचना 
चाहिए और दूसरी कहानी का यह निष्कर्ष  है की हमे अपनी जिम्मेदारियाँ को समझना चाहिए।

और यह प्रयास करना चाहिए  की हम अपने दायित्व को अच्छी तरह निभाना चाहिए और तीसरी कहानी का यह निष्कर्ष  है की हमे सच को स्वीकार करना चाहिए और कभी भी अपने स्वार्थ के लिए अपना नजरिया नहीं बदलना चाहिए। 

तो यह थी ये तीन कहानियाँ केसी लगी आपको आशा करती हु आपको पसंद आयी होगी ऐसी हे मजेदार कहानियाँ पढ़ने के लिए हमारे Newsletter को Subscribe करे। 

1 thought on “Best Hindi Moral Stories | Motivation X 100 ho Jayega!”

Leave a Comment