10+ Success Thoughts & Strategies | Hindi Suvichar

Life Ko Successful Kaise Banaye in Hindi? | Story

Success Hindi | जय हिंद भाईओ और बेहनो आशा है आप सबसे ठीक है Sabse Bhadiya Kahaniya | Short Hindi Stories मैं आपका स्वागत हैं ।
आज मैं फिर आप लोगो को लिए कुछ हट कर लाई हूं आज आपको hindi motivational gyan for success ये इस article का theme है। 

मैंने आपको काफी सारी motivational story in hindi provide की है।  

लेकिन यह gyan भी बोहोत ज़रूरी हैं जो हम मैं से 90 % लोगो के पास नहीं होता।

यह ज्ञान अपने आप मैं एक सागर हैं अगर आप hindi motivation search कर रहे हैं तो आप बिल्कुल सही जगह आये है। 

अगर मेरे इस article के वजह से आपकी help होती है तो कृपया comment section मैं अपने विचार ज़रूर व्यक्त करियेगा।
इससे मुझे भी motivation मिलती रेहगी आपके लिए ऐसी ही stories लाने क लिए।
तो बिना वक़्त ख़राब किये शुरू करते है।

Success Tips for Students in Hindi

(1 Part)


1. सफलता के लिए खुद को प्रेरणा देना ( For Success motivate yourself)

Saphalata ke liye khud ko motivation Dena


How to Become a Successful Person in Hindi?

बोहोत बार मुझे इस सवाल से दो चार होना पड़ता है कि बाजार में मिला हुआ दिमाग तेज करने या memory बढ़ाने वाली दवाईयां कितनी powerful हैं ?

या क्या ये दवाइयां या TONIC ये सब काम करती है ?

दिमाग तेज करने का दावा करने वाली इन दवाइयों की power जानने के लिए हमने एक experiment किया । हमने तीस लोगों का एक group बनाया जो एक ही प्रकार की background से थे ।

मैं एक Psychology Student हूँ इसीलिए हम ये experiment कर सकते थे। 
हमने उनसे कहा कि हमारे पास एक ऐसा स्मृति टोनिक (memory tonic)  है जो तीन महीने में आपकी स्मरणशक्ति बढ़ाने मैं मदद होगा ।

फिर हमने एक छोटा स्मृति TEST लिया और उस Group में से 15 लोगों को जाने माने brand की दवाई दी और बचे हुए 15 लोगों को उन्हीं brand की बोतल में रंगीन पानी दिया ।

इस प्रकार सभी लोगों को तीन महीने तक स्मृति टॉनिक (memory tonic) पिलाया ।

इसके बाद हमने इसी तरह का समृति टैस्ट लिया । परिणाम सभी लोगों को इस टैस्ट में बराबर अंक मिले । Conclusion यह एक मनोवैज्ञानिक कारण साबित हुआ ।

सभी ने यही विश्वास किया कि वे दिमाग तेज करने के लिए कुछ अलग try कर रहे हैं ।

परिणामस्वरूप स्मरण – शक्ति में अच्छा कुछ सुधार होगा । यह उनका self-confidence ही था और मनोवैज्ञानिक तत्व था जिसने उन्हें TEST में अच्छा करने के लिए encourage किया ।

हमें हेनरी फोर्ड (Henry Ford) की यह बात भी याद रखनी चाहिए कि जैसा तुम सोचते हो वैसा ही कर सकते हो । अगर अच्छा सोचते है तो अच्छा कर सकते हैं वरना इसका उल्टा।

 महत्वपूर्ण संकेत (Important Message): स्वयं प्रेरणा (Self-Motivation)

2. आंतरिक शक्ति द्वारा सफलता (Success with the help of inner help) 

Aantarik Shakti se Success

Career Success Tips in Hindi

 
महान runner इस बात को मानते हैं कि खेलों में 60-90 प्रतिशत सफलता में मानसिक कार्य का विशेष महत्व है ।

यह बात सिर्फ खेलों के विषय में ही सही नहीं है बल्कि हर field में यह लागू होती है ।

Inner power और self-advice हमें अपने लक्ष्य तक बेहतर ढंग से और जल्दी पहुंचा सकते हैं ।

परीक्षा में आंतरिक शक्ति का कैसे प्रयोग करें ?

परीक्षा शुरू होने से एक रात पहले, याद करने के लिए आंतरिक बल का पांच मिनट के लिए प्रयोग करे और निचे दिए गए बातों को अपनायें ।

1.अपनी आंखें बंद करें और सोचें कि आप परीक्षा केंद्र की तरफ जा रहे हैं। 
2.  और seat खोजकर बैठ जाते हैं । यह महसूस करें कि परीक्षक आपकी तरफ आता है और आपको qestion paper  और answer sheet  सौंप देता है ।
3. अब आप दिमागी रूप से परीक्षा नियम और सवाल पढ़ते हैं ।
4. अब आप अपने को सुझाव दें और सोंचे कि आप हर सवाल का उत्तर ठीक – ठीक दे रहे हैं और समय से सभी सवाल समाप्त कर लेते हैं ।
परीक्षा से पूर्व इस तरह का अभ्यास आपमें self-respect पैदा करेगा साथ ही आपकी kaam करनी की क्षमता में सुधार लाएगा ।

महत्वपूर्ण संकेत (Important Message): दिमागी अभ्यास (Training of Brain)

3. विचार शक्ति का विकास (Better Thinking power)

Vichaar Shakti ka Vikaas

Good Thoughts Success Hindi

कभी – कभी हम यह सोचकर परेशान होते हैं कि गली नं तीन थी या चार ।

  • हम यह नहीं याद कर पाते कि दोस्त की कल पहनी हुई कमीज का रंग कौन सा था ?
  • या घड़ी कहीं रखकर भूल गये ?
  •  लाइब्रेरी के किस तरफ भौतिक की पुस्तक रखी है ?
 ये सब आम बातें हैं जिन्हें अक्सर हम भूल जाते हैं उपाय : हमें अपनी विचार शक्ति को sharp करने की जरूरत है।
निचे दिए गए दिमागी कसरत ज़रूर इस problem से छुटकारा दिलाने में मदद करेंगी :
1. दुकान के शीशे में से देखें और सोचे कि कितनी चीज़े प्रदर्शन के लिए रखी है ।
2. किताबों, पैनों,  गिलास आदि के वजन का अनुमान लगायें ।

3. आंखें बंद करके विभिन्न वस्तुओं को छूने और पहचानने की कोशिश करें । इसके बाद सोचे कि किस material का इस्तेमाल हुआ है ? और उनकी speciality को पहचान करने की कोशिश करें ।

4. जब आप सैर करें तो अपने अंदर दूरी का सोचे की योग्यता का विकास करें ।

लक्ष्य स्थान पर पहुंचने के लिए कितने कदम चलना होगा इस बात के बारे मैं सोचे । इसके बात अपने कदम count और जांच करें । अगर अनुमान गलत निकले तो अगली बार बेहतर करने की कोशिश करें ।


महत्वपूर्ण संकेत  (Important Message): अनुमान (Guess)

4. उत्साहित महसूस करना (Feeling excited)

Excited feel Karna

Hindi Happy Thoughts

मौज – मस्ती जीवन को आनंदित करती है और उत्साह पैदा करती है । 
यह हमें अच्छा अहसास कराती है और अपने अनुभवों से अधिक से अधिक सीखने योग्य बनाती है ।
एक सर्वे के अनुसार, अलग-अलग field’s के लोगों जैसे , artist, runners, doctor, engineer, musician आदि से जब यह पूछा गया कि जब वे अपने काम को अंजाम देते हैं तो उन्हें कैसा महसूस होता है और किस तरह से आनंद लेते हैं ।
हैरानी की अलग बात यह है कि सबका उत्तर लगभग एक जैसा था हालांकि वे  व्यवसायों से संबंध रखते थे ।
जब आप आनंदित होने की स्थिति में होते हैं तो उस दौरान आप जिस काम में लगे होते हैं आपका संबंध बाहर की दुनिया से कट जाता है ।

अंत : करण , आत्म – जाग्रत , संदेह आदि सब लुप्त हो जाते हैं और समय का लगभग ज्ञान ही नहीं रहता ।

हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम अपने लिए इस तरह के रोमांचित लम्हें पैदा करें कि हमारे अनुभव खुशनुमा हो जायें और अपने आप को इस माहौल में ही दिमागी कार्य में लगा दें ।
इस तरह के अनुभव कभी न भूलने वाले साबित होंगे । ऐसा मानसिक कार्य जो आपको सुखद अहसास कराये इनाम मिलने जैसा होता होगा और हमारा दिमाग में अनुकूल बदलाव पैदा करने वाला होगा ।
इस सुखद अहसास के दौरान जो स्मृति बनेगी वह मानसिक कार्य करने में सहायक होगी और अगली बार एक ही कोशिश में स्मरण हो जाएगी ।
महत्वपूर्ण संकेत  (Important Message): आनंदपूर्ण ( मौज ) (Fun)

5. मोटर माइन्ड (Motor Mind)

Motor Mind

Mind Test Hindi

 यह तो आप पहले से ही जानते हैं कि व्यायाम शरीर को मजबूत बनाता है ( शरीर की बनावट बेहतर बनाता है और शरीर को इस लायक बनाता है कि शरीर मिलने वाले पौष्टिक पदार्थ और आक्सीजन को बेहतर रूप में ग्रहण कर सके ।

हममें से कुछ ही यह सोचते हैं कि कौन – सा excercise करने से शरीर का कौन – सा हिस्सा प्रभावित हो रहा है और उस प्रभाव पर कौन ध्यान लगा पा रहा है जाहिर है हमारा दिमाग ही यह सब कार्य कर रहा है ।
शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव पर ध्यान दिमाग ही करता है ।

जब आप व्यायाम करते हैं तो तो दिमाग के ऊतक जो काम पर नियंत्रण रखते हैं चुस्त हो जाते हैं और सेल्यूलर स्मृति का विकास करते हैं ।

अगर आप किसी ऐसे कार्य में व्यस्त है जैसे प्यानो बजाना , साइकिल चलाना , नृत्य करना या कुछ और , इन सब कार्यों के लिए आपकी शारीरिक कोशिशों को आपस में संबंधित करने की जरूरत पड़ती है ।

आप यह देखेंगे कि नियमित अभ्यास से आप उस कार्य में पारंगत होते चले जाते हैं और कम गलती करते हैं । आपकी इस सफलता का आधार आपका दिमाग है ना कि आपकी मांसपेशियां ।

आपकी संबंधित कोशिकायें एवं ऊतक उस विशेष कार्य के लिए स्मृति का विकास करते हैं परिणामस्वरूप आप उस विशेष कार्य में प्रवीणता या विशेष कौशल प्राप्त कर लेते हैं ।

इस प्रकार आप जितना ज्यादा नई चीजें सीखने की कोशिश करते हैं उतना ज्यादा दिमाग के ऊतक चुस्त होकर अभ्यास में दक्षता हासिल करा देते हैं । इस प्रकार शारीरिक व्यायाम पूरे शरीर को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए आवश्यक है ।

महत्वपूर्ण संकेत  (Important Message): शारीरिक व्यायाम (Exercise)

(2 Part)

6. अलंकारिक सोच (Curious Thinking)

Question kariye

मान लीजिए आप हृदय और फेफड़ों के कार्यों के बारे में पढ़ रहे हैं । इसके लिए एक तरीका तो यह है कि आप प्रत्येक अंग के बारे में और कार्यों को नोट कर लें ।

दूसरा तरीका यह है कि आप इनके बारे में एक रेखाचित्र बना लें । इसे चित्रित सोच कहा जाता है ।

मान लेते हैं कि एक वृत्त हदय को इंगित करता है जबकि फेफड़ों को दो ओवल इंगित करते हैं ।

ये सभी चीजें शरीर के बड़े चित्र में ठीक ढंग से व्यवस्थित अब इस चित्र में यह दिखायें अशुद्ध खून हृदय से बाहर निकलकर फेफड़ों की तरफ जा रहा है ।

जहां आक्सीजन ग्रहण की जाती है और कार्बन डाइआक्साईड बाहर निकलती है ।
अब लाल संकेत वापस हृदय की ओर आते दिखायें इसका मतलब शुद्ध खुन वापस हदय में आ रहा है और फिर विभिन्न अंगों में पहुंच रहा इसी तरह ठीक यही मानचित्र एवं चार्ट द्वारा किया जा सकता है ।
इसके पीछे यह बताना है कि विभिन्न सूचना इकाइयों को एक – एक कर इकट्ठा करके बेहतर ढंग से प्रदर्शित किया जा सकता है ।

यह कोई मायने नहीं रखता कि सूचना किन स्रोतों से प्राप्त हो रही हैं । बिंदुओं , रेखाओं , वृत्तों एवं संकेतों के माध्यम से सोचो न कि शब्दों या मुहावरों की भाषा में ।

महत्वपूर्ण संकेत : रेखाचित्र (Sketch)

7. अपने आप से बात करना (Talk with yourself)

Apane Aap se Baat Karna

दिमाग को इधर – उधर भटकने और विचारों को यहां – वहां दौड़ाने से बचाने के लिए, अपने आप से बात करने की कोशिश करें ताकि एकाग्र होने में मदद मिले और स्मरण करना आसान हो जाए ।

उदाहरण के लिए जब आप मार्किट के पास अपनी कार पार्क करें तो कार से बाहर आकर अपने आप से बात करें कि आप गली से निकलकर जा रहे हैं ।

कहां अब अपनी कार की चाबी रख रहे हैं । आप क्या करने जा रहे है । कौन सी दुकान में पिछली बार गये थे ।

जब आप अपने काम में निबट चुके हैं तो ये सारा वर्णन पलट कर , उल्टी दिशा में चलें तो आप बहुत आसानी से पार्क की हुई कार ढूंढ पायेंगे ।

अपनी रखी हुई चीज को याद करना , या खोई हुई चीज को याद करना बहुत आसान है ।

अगर आप अपने दिमाग को जानबूझ कर ज्ञात वही परिस्थितियों को याद करवायें जिनसे आप होकर गुजरे हैं ।

इससे आपको स्मरण करने में मदद मिलेगी कि क्या आपने समय से दवाई ले ली है, या आपने पहले ही किसी को कुछ दे दिया है या आपने पर्स, लंच बाक्स, पेन , किताब अपने बैग में रख ली है या कुछ ऐसी बातें जो आप भाग – दौड़ में अक्सर भूल जाते हैं ।

याद रखने के लिए अपनी क्रियाओं को और विचारों को क्रियापद ( verbalize ) करें ।

महत्वपूर्ण संकेत : वर्बलाईजेशन (Verbalization) 

8. सामर्थ्यानुसार कार्य (Work according to strength)

Capable hai uss Kam ke liye?

समय सोने के लिए जाने और उठने के समय , लोगों में अलग – अलग समय में अलग स्तर की चुस्ती – फुर्ती होती है ।

ऐसे लोग जो देर से सोते हैं और देर से उठते हैं ये किसी खास समय पर दिमागी रूप में तेज होते हैं , उन लोगों की अपेक्षा जो जल्दी सोते हैं और जल्दी उठते हैं ।
यह सब मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कितनी बढ़िया नींद ली है , दिनभर में आप क्या खाते हैं ।
आपका क्रियाकलाप किस स्तर का है और पीक टाइम में आप कितने दुरूस्त हैं और कितनी देर चुस्त – दुरूस्त रह पाते हैं ।
हर एक का चुस्त रहने का अपना ढंग है । 
अगर आप अपनी सामर्थ्य का भरपूर इस्तेमाल करना चाहते हो तो आपको यह अवश्य जानना होगा कि आपकी सर्वश्रेष्ठ चुस्त रहने की उच्चतम सीमा क्या है?
 किस समय पर आप अपनी ऊर्जा का सबसे बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं ।

और उस समय को पहचाने और ध्यान करें कि किस समय में आपकी सामर्थ्य न्यूनतम होती है । अपना सामर्थ्य स्तर की कुछ दिनों तक सारणी बनायें ।

जिससे आपको अपने चुस्त – दुरूस्त रहने के न्यूनतम स्तर और अधिकतम स्तर को जानकारी हो जाये ।
इससे आपको यह फायदा होगा कि जब आपकी जमा ऊर्जा अधिकतम होगी उस समय पर आप कोई सृजनात्मक कार्य , दिमागी कार्य या स्मृति कार्य बेहतर ढंग से कर पाओगे , और इसकी प्रभावपूर्णता अधिक होगी ।
इस प्रकार आप अपने काम में फेर – बदल कर प्राथमिकता के अनुसार कार्य करने के लिए समय सारणी बना सकते हैं । अधिकतम चुस्ती को ध्यान में रखते हुए अपनी दिमागी शक्ति का बेहतर प्रयोग करें ।

महत्वपूर्ण संकेत: उच्च सतर्कता समय (High Vigilance Time)

9. ज्ञानवर्धक वाद – विवाद (Informative debate)

Healthy vaad-vivaad

अपने दोस्त के साथ किसी जवलन्त या सामयिक विषय पर वाद विवाद को इसके लिए पक्ष में या विपक्ष में पाईट को लिख लें । 

साथ ही बहस के अन्य बिन्दुओं को भी नोट कर लें ।

इसके बाद कारण बताते हुए विचार विमर्श करें । अगर आप किसी विषय के दोनों पक्षों पर बहस करने की कोशिश करेंगे तो इससे आपकी तर्क बुद्धि का विकास होगा ।

इस प्रक्रिया के दौरान अपने दिमाग पर जोर डालें और इसे तेज और केन्द्रित करें । 

अपनी दीर्धकालीन स्मृति के विकास के लिए अपने दोस्त को दुबारा बुलायें और इसी विषय पर दुबारा बहस करें ।
इस बार नोट किये हुए बिन्दुओं से हटकर बहस करें ।

इससे आपकी वाक्पटुता कौशल में सुधार होगा । ज्ञानवर्धक वाद – विवाद के द्वारा अपनी तर्क बुद्धि तेज करें ।

 महत्वपूर्ण संकेत वाद – विवाद (Controversy)

10. स्मृति संकेत (Memory signal)

Memory Signal

हम सदियों से तरीका अपनाते आये है कि अगर कुछ याद रखना है तो गांठ पाप लेते थे या तो धागा कलाई में बांध लिया , कभी रुमाल में गांठ लगा ली , औरतें साड़ी के पल्लू में गांठ लगा लेती हैं ।

कमोवेश यह तरीका आज भी अपनाया जाता है ।

लेकिन मान लीजिए कि आपके पास धागा या रूमाल मौजूद नहीं है तो आप नीचे लिखी कुछ और तकनीक अपनायेंगे ।

कुछ लोग जब जरूरी काम की वजह से लिखने में असमर्थ पाते हैं या पैन पैसिल नहीं पाते हैं , तो वे अपनी शादी की अंगुठी ही घुमा देते हैं । कई बार हबढ़ाहट में आधी रात में ही उठ बैठते हैं ।

किसी खास समय के लिए घर में या आफिस में घड़ी में अलार्म सेट करें । चाक से शीशे पर लिखें अपने आपको याद कराने वाली मशीन के सहारे छोड़ दें ।

महत्वपूर्ण संकेत : रिमाइंडर्स (Remainders)


(Conclusion):

तो आशा करती हु आपको हमारी वेबसाइट Sabse Bhadiya Kahaniya | Short Hindi Stories की यह थी ये बातो से आप सब सहमत हैं अगर मुझसे कुछ रह गया हो तोह कृपया comment section मैं अपने vichar ज़रूर लिखे और share भी करे ऐसे ही हिंदी मैं पढ़ने के लिए हमारे Newsletter को Subscribe करे।

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